April 13, 2026
एक दिन सुकरात अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। चारों ओर शांति थी और सब उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे थे। तभी सुकरात ने एक सवाल पूछा: बताओ, सच्चा ज्ञान क्या है? शिष्य एक-एक करके जवाब देने लगे। किसीने कहा: ज्ञान किताबों से मिलता है, किसी ने कहा ज्ञान अनुभव से मिलता है और किसी ने कहा कि ज्ञान गुरु से मिलता है। सुकरात मुस्कुराए और उन्होंने कुछ बोला नहीं। फिर अचानक उन्होंने पास खड़े एक आदमी की ओर इशारा किया, जो भेड़ों को हांक रहा था। सुकरात बोले देखो ये भेड़ें इस आदमी के पीछे क्यों चल रही है? एक शिष्य बोला क्योंकि यह उनका मालिक है। सुकरात ने पूछा अगर यह मालिक उन्हें गलत रास्ते पर ले जाए तो? तब सब चुप हो गए। तभी सुकरातने कहा: यही हमारी सबसे बड़ी समस्या है। हम भी बिना सोचे समझे किसी के पीछे चल पड़ते हैं - चाहे वह समाज हो, परंपरा हो या कोई नेता। सुकरात बोले सच्चा ज्ञान वह नहीं जो तुम सुनते हो, सच्चा ज्ञान वह है जिसे तुम खुद सोच कर, समझ कर और परख कर स्वीकार करते हो। भीड़ के पीछे चलना आसान है। खुद सोचना मुश्किल है, पर वही सही है। सवाल करना ही असली बुद्धिमानी की शुरुआत है।
~ ~ समण श्रुतप्रज्ञ